देखा तो तुझे जब पहली बार मैंने
देखा तो तुझे जब पहली बार मैंने, अपनी आंखों पर न किया था एतबार मैंने, क्या होता है कोई इतना भी खूबसूरत, यही पूछा था खुदा से बार-बार मैंने। तेरे नीले नीले नैनो ने किया था काला जादू मुझ पर, यूं ही तो नहीं खो दिया था करार मैंने। कायदा इश्क जब से पड़ा है, इल्म बस इतना बचा है मुझ में, फकत नाम तेरा मैं लिख लेता हूं, पढ़ लेता हूं। आग बरसे चारों तरफ इस जमाने के लिए, मेरी आंखों की नमी में हो पनाह किसी को छिपाने के लिए। वो है खुदगर्ज बड़ी मैं जानता हूं, लौट आएगी फिर से खुद को बचाने के लिए। मिजाज हो गए तल्ख जब मतलब निकल गया, ना हुई दुआ कबूल तो मजहब बदल गया। वो जो कहते थे कि मेरी चाहत कि खुदा तुम हो, कभी बदली उनकी चाहत कभी खुदा बदल गया। चल मान लिया कोई तुझसे प्यारी नहीं होगी, पर शर्त लगा लो तुम से भी वफादारी नहीं होगी। तेरी बेवफाई ने मेरा इलाज कर दिया है, पक्का अब हमें फिर से इश्क की बीमारी नहीं होगी। प्यार जब भी हुआ तुमसे ही हुआ, कोशिश बहुत की मैंने किसी और को चाहने की। एक तो तेरा इश्क था ही और एक मैंने आ पकड़ा, अब कोई कोशिश भी ना करना मुझ को बचाने की। यह जो आज हम उजड़े उजड़े फिरते हैं, हसरत...